राजस्थान जिला दर्शन : 'बूँदी जिला दर्शन'

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Bundi GK : 'Bundi Jila Darshan'


    बूंदी जिले के उपनाम | बूंदी के नाम प्राचीन नाम 

    • छोटी काशी 
    • राजस्थान की काशी 
    • बावड़ियों का शहर 
    • वृंदावती 
    • द्वितीय काशी 
    • बुंदू का नाला

    बूंदी का सामान्य परिचय | Bundi Ki Jankari Hindi Me

    • बूंदी का क्षेत्रफल : 5776 वर्ग किलोमीटर। 
    • बूंदी जिले का नाम बूंदी वहां के मीणा शासक 'बूंदा' के नाम पर पड़ा। 
    • बूंदी का दक्षिणी पूर्वी भाग बावन बयालीस  कहलाता है। 
    • राजस्थान में मराठों का सर्वप्रथम प्रवेश बूंदी के उत्तराधिकार के युद्ध के कारण हुआ था। 
    • इस क्षेत्र में हाड़ा चौहानों का प्रभुत्व होने के कारण इसे 'हाड़ौती' कहा जाने लगा। 
    • बूंदी जिले में तहसीलों की संख्या : 5
    • बूंदी मेंउपखंडों की संख्या : 5
    • बूंदी में ग्राम पंचायतों की संख्या : 181
    • बूंदी में पंचायत समितियों की संख्या : 7

    बूंदी जिले की मानचित्र के अनुसार स्थिति | Bundi Ki Sthiti evm Vistar

    ✍अक्षांशीय स्थिति : 24 डिग्री 54 मिनट उत्तरी अक्षांश से 25 डिग्री 53 मिनट उत्तरी अक्षांश तक। 
    ✍देशांतरीय स्थिति : 75 डिग्री 19 मिनट पूर्वी देशांतर से 76 डिग्री 19 मिनट 30 सेकंड पूर्वी देशांतर तक। 

    बूंदी जिले के विधानसभा क्षेत्र | Bundi Me Vidhansabha क्षेत्र

    बूंदी जिले में कुल 3 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनके नाम निम्नानुसार है:-
    • बूंदी 
    • केशवरायपाटन 
    • हिंडोली

    2011 की जनगणना के अनुसार बूंदी जिले की जनसंख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता के आंकड़े

    • बूंदी की कुल जनसंख्या : 11,10,906
    • बूंदी का लिंगानुपात : 925 
    • बूंदी में जनसंख्या घनत्व : 192
    • बूंदी की साक्षरता दर : 61.5% 
    • बूंदी की पुरुष साक्षरता दर : 75.4 प्रतिशत 
    • बूंदी की महिला साक्षरता दर : 46.6 प्रतिशत 
    • बूंदी का पशु घनत्व : 167

    बूंदी जिले के प्रमुख मेले और त्यौहार | Bundi Jile Ke Mele


     मेला 
    स्थान  
    दिन  
     इंद्रगढ़ माता का मेला 
    इंद्रगढ़  
    वैशाख शुक्ला पूर्णिमा, चैत्र व आश्विन नवरात्रा  
     कजली तीज /उजली तीज का मेला 
    बूंदी  
    भादवा कृष्णा तृतीया  

    बूंदी के प्रमुख मंदिर | बूंदी के शीर्ष मंदिर

    ✍बिजासन माता का मंदिर, इंद्रगढ़   

    बूंदी के इंद्रगढ़ में बिजासन माता का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। इस मंदिर को इंद्रगढ़ माता का मंदिर भी कहा जाता है। 

    ✍केशवरायजी का मंदिर

    केशवरायजी के इस प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण बूंदी के राजा शत्रुसाल ने 1601 ईसवी में करवाया था। यहां के अन्य मंदिरों में पंच शिवलिंग, अंजनी माता के मंदिर, हनुमान जी के मंदिर, पांडवों की गुफा आदि है। केशोरायपाटन में सुब्रतनाथ मुन्नी का प्रसिद्ध जैन मंदिर स्थित है। 

    बूंदी के दर्शनीय स्थल | बूंदी के पर्यटन स्थल

    ✍ 84 खंभों की छतरी 

    धाबाई की छतरी के नाम से प्रसिद्ध 84 खंभों की छतरी बूंदी के देवपुरा गांव के निकट स्थित है। इसका निर्माण राव अनिरुद्ध द्वारा धाबाई देवा की स्मृति में 1683 में करवाया था। 

    ✍ रानी जी की बावड़ी

    "बावड़ियों के शहर" बूंदी में स्थित रानी जी की बावड़ी का निर्माण राव राजा अनिरुद्ध सिंह की विधवा रानी नाथावती ने करवाया था। यह बावड़ी राजस्थान की सबसे लंबी बावड़ियों  में से एक मानी जाती है। 

    ✍ चित्रशाला 

    बूंदी के शासक राजा उम्मेदसिंह द्वारा निर्मित है। 

    ✍ शिकार बुर्ज 

    यह बूंदी की पहाड़ियों में स्थित है। यहां पर उम्मेदसिंह द्वारा निर्मित हनुमान जी की छतरी दर्शनीय है।  यहां पर उम्मेदसिंह 1770 ईस्वी में जीते जी राज्य अपने पुत्र अजीतसिंह को सौंपकर सन्यास ग्रहण के बाद रहा करते थे। 

    ✍ मोतीमहल संग्रहालय 

    बूंदी किले के नीचे रावला परिसर में रावराजा बहादुरसिंह मेमोरियल म्यूजियम जिसे हाल   मोतीमहल संग्रहालय के नाम से जाना जाता है। 

    ✍ केशरबाग (क्षार बाग )

    बूंदी का यह स्थान बूंदी के दिवंगत राजाओं का समाधि स्थल है।  राव राजा शत्रुसाल की मौत हो जाने पर उनकी चिता में उनकी 64 रानियों ने यहीं पर आहुति दी थी।  

    ✍ रतन दौलत दरीखाना 

    यह बूंदी के राजप्रासाद में स्थित एक महल है, जहाँ पर बूंदी के नरेशों का राजतिलक होता था।  इसके पास में ही अनिरुद्ध महल एवं चित्रशाला बने हुए है। 

    ✍ सुखमहल 

    बूंदी के अंतिम मीणा शासक जैता द्वारा निर्मित जैतसागर झील में यह सुखमहल स्थित है। इसका निर्माण राजा विष्णुसिंह ने करवाया था। 

    ✍ बूंदी का किला 

    बूंदी के किये को तारागढ़/तिलस्मी किला आदि नामों से जाना जाता है।  इसका निर्माण देवीसिंह हाडा ने 14 वीं शताब्दी में करवाया था। इस दुर्ग के बारे  में रुडयार्ड क्लिपिंग ने कहा कि "ये दुर्ग मानव ने नहीं बल्कि प्रेतों द्वारा बनाया लगता है"। यह दुर्ग अपने भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। इस किले में गर्भ गुंजन तोप रखी हुई है। 

    बूंदी जिले के अभयारण्य  

    ✍ रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य 

    यह अभयारण्य सांपों के लिए प्रसिद्ध है। इसे "रणथम्भोर के बाघों का जच्चा घर" एवं "सांपों की शरणस्थली" भी कहते हैं। इसमें नीलगाय, बाघ, हिरण, रीछ, बघेरा, जंगली मुर्गे एवं अन्य कई प्रकार के जंगली जीव पाए जाते है। 

    ✍ कनक सागर पक्षी अभयारण्य 

    कनक सागर पक्षी अभयारण्य को "दुगारी पक्षी अभयारण्य" भी कहा जाता है। यह अभयारण्य लगभग 72 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसमें हंस, जलमुर्गी, गैरेट, सारस आदि वन्य जीव पाए जाते है। यह अभयारण्य राज्य का सबसे छोटा आखेट निषिद्ध क्षेत्र है। 

    बूंदी के प्रमुख बांध एवं बावड़ियां ➡️

    • गरदड़ा बांध एवं गुढ़ा बांध बूंदी में स्थित है। 
    • रानीजी की बावड़ी (बावड़ियों का सिरमौर) बूंदी में स्थित है। 
    • अनारकली की बावड़ी, बूंदी में स्थित है। 
    • संतुरमता सिंचाई परियोजना एवं चाकन सिंचाई परियोजना बूंदी में है। 

    बूंदी चित्रशैली ➡️

    • इस शैली में सर्वाधिक पशु-पक्षियों का चित्रण हुआ है इसलिए इसे पशु-पक्षियों की शैली भी कहा जाता है। 
    • इस शैली का स्वर्णकाल राव सुरजनसिंह हाडा के शासन काल को माना जाता है। 
    • महाराव उम्मेदसिंह के शासन काल में निर्मित चित्रशाला संग्रहालय  बूंदी चित्रशैली का श्रेष्ठ उदाहरण है। 
    • रामलाल  एवं सुर्जन बूंदी चित्रशैली के प्रमुख चित्रकार थे। 
    • यह शैली भित्ति चित्रों का स्वर्ग भी कहलाती है। 
    • यह राजस्थान की एकमात्र शैली है जिसमें मोर के साथ सांप का चित्रण मिलता है। 

    बूंदी के प्रमुख व्यक्तित्व ➡️

    • सूर्यमल्ल मिश्रण - इन्हें रसावतार तथा राजस्थान का वेदव्यास भी कहते है।  ये बूंदी के शासक महाराव रायसिंह के दरबारी कवि थे।  इनकी प्रमुख कृतियां - वीर सतसई, वंश भास्कर आदि। 
    • ऋषिदत्त मेहता - इनका पूरा परिवार आजादी के आंदोलन में जेल गया था।  1920 के दशक में राजनितिक जागरण के उद्देश्य से इन्होने ब्यावर से "राजस्थान" अख़बार का प्रकाशन किया। ऋषिदत्त मेहता बूंदी राज्य लोक परिषद के स्थापनकर्ता भी है। 
    • किशनलाल सोनी - बूंदी में रेल लाने का श्रेय किशनलाल सोनी को जाता है, इसलिए इन्हें रेलबाबा भी कहा जाता है। 

    बूंदी के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न/तथ्य | Bundi GK in Hindi

    • राजस्थान का प्रथम सीमेंट कारखाना - लाखेरी (बूंदी) में। 
    • राज्य में सहकारी क्षेत्र की  प्रथम शुगर मिल केशोरायपाटन में 1965 में स्थापित की गयी थी। यह मिल वर्तमान में बंद है। यह राजस्थान की तीसरी चीनी मिल है। 
    • कनक सागर पक्षी अभयारण्य - राज्य का सबसे छोटा आखेट निषिद्ध क्षेत्र है। 
    • बूंदी की मीठे पानी की झीलें - जैतसागर, कनकसागर झील/दुगारी झील, नवलसागर, रामसागर झील (सारस क्रेन के लिए प्रसिद्ध )
    • बूंदी महोत्सव (प्रतिवर्ष 24 जून को ) एवं कजली तीज महोत्सव (अगस्त में ) बूंदी में आयोजित होते है। 
    • बूंदी की प्रमुख नदियां - घोडा पछाड़ नदी, चम्बल नदी, मेज नदी, मांगली नदी, कुराल नदी, तालेड़ा नदी आदि। 
    • शेख अब्दुल अजीज मक्की की दरगाह बूंदी में स्थित है। 
    • बूंदी में प्रमुख महल - सुख महल, उम्मेद महल, छत्रमहल, रंगविलास महल, बूंदी का राजमहल आदि। 
    • बूंदी के प्रमुख छतरियां -  धाबाई छतरी, मुंसी रानी की छतरी (84 खम्भों की छतरी )
    • बूंदी के रियासत कालीन सिक्के - रामशाही सिक्के, चेहरेशाही सिक्के, ग्यारहसना सिक्के, कटारशाही सिक्के आदि। 
    • खातोली का युद्ध -  1517-18 ईस्वी में राणा सांगा एवं इब्राहिम लोदी के मध्य खातोली का युद्ध लड़ा गया था।  जिसमें राणा सांगा विजयी हुआ था और बूंदी राज्य पर अधिकार हो गया।  खातोली के युद्ध में राणा सांगा का एक हाथ कट गया था। 
    • बूंदी किसान आंदोलन - यह आंदोलन 1926 से 1943 तक चला था। इस किसान आंदोलन का नेतृत्व पंडित नयनूराम शर्मा ने किया था। इस आंदोलन में नानक जी भील शहीद हुए थे। 
    • बूंदी प्रजामण्डल - बूंदी प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ईस्वी में कांतिलाल व नित्यानंद द्वारा की गयी थी। 
    • देश की प्रथम बर्ड राइडर रोक पेंटिंग गरदड़ा गांव में छाजा नदी के किनारे प्राप्त हुई थी। 
    • सती प्रथा  पहली बार रोक 1822  ईस्वी में बूंदी रियासत ने लगाई थी। 
    • भीमताल जलप्रपात मांगली नदी पर बूंदी में स्थित है। 
    आज के इस पोस्ट में हमने "राजस्थान के जिला दर्शन" की श्रृंखला में "बूंदी जिला दर्शन" को पूरी तरह से कवर करने की पूरी कोशिश की है।  इसमें बूंदी का सामान्य परिचय, बूंदी के उपनाम, 2011  की जनगणना के अनुसार बूंदी जिले की जनसँख्या/घनत्व/साक्षरता/लिंगानुपात, बूंदी का क्षेत्रफल, बूंदी की मानचित्र में स्थिति, बूंदी  के विधानसभा क्षेत्र, बूंदी के मेले, बूंदी के प्रमुख मंदिर, बूंदी के पर्यटन स्थल, बूंदी की नदियां, बूंदी के प्रमुख व्यक्तित्व एवं इसके अलावा जितने भी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न बन सकते थे, उन सभी को शामिल कर पेश किया गया है। मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी पाठकों को मेरी यह पोस्ट पसंद आयी होगी।  आप सभी को यह पोस्ट कैसी लगी आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं। 
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