राजस्थान जिला दर्शन : 'बीकानेर जिला दर्शन'

बीकानेर जिले की सम्पूर्ण जानकारी | Bikaner District GK in Hindi | बीकानेर जिला Rajasthan GK in Hindi
Bikaner GK : 'Bikaner Jila Darshan


    बीकानेर जिले के उपनाम | बीकानेर के उपनाम/प्राचीन नाम


    • राती घाटी 
    • ऊन का घर 
    • जांगल प्रदेश 
    • ऊंटों का देश
    यह भी पढ़ें -

    बीकानेर का सामान्य परिचय | Bikaner Ki Jankari Hindi Me


    • बीकानेर का क्षेत्रफल : 27244 वर्ग किलोमीटर। 
    • बीकानेर की भुजिया-पापड़ का नमकीन स्वाद विश्व भर में प्रसिद्ध है। 
    • जोधपुर नरेश राव जोधा के पुत्र राव बीका ने 1465 में जांगल प्रदेश के विभिन्न छोटे-छोटे क्षेत्रों को करणी माता के आशीर्वाद से जीत कर इस क्षेत्र में राठौड़ राजवंश के शासन की शुरुआत की एवं बीकानेर रियासत की स्थापना की थी। 
    • राव बीका ने 1588 ईस्वी में बीकानेर शहर को बसाकर उसको अपनी राजधानी बनाया था। 
    • स्वतंत्रता के बाद 30 मार्च 1949 को बीकानेर रियासत का राजस्थान में विलय हो गया था। 
    • बीकानेर की मथैरण कला तथा उस्ताकला विश्व भर में प्रसिद्ध है। 
    • राजस्थान की प्रथम नहर गंगनहर का निर्माण महाराजा गंगा सिंह (बीकानेर रियासत के शासक) ने 1927 में पूर्ण करवाया था। 
    • बीकानेर में एशिया की सबसे बड़ी ऊन  की मंडी स्थित है। 

    बीकानेर जिले के मानचित्र के अनुसार स्थिति | Bikaner Ki Sthiti Evm Vistar


    ✍अक्षांशीय स्थिति : 27 डिग्री 11 मिनट उत्तरी अक्षांश से 29 डिग्री 3 मिनट उत्तरी अक्षांश तक। 

    ✍देशांतरीय स्थिति : 71 डिग्री 54 मिनट पूर्वी देशांतर से 74 डिग्री 22 मिनट पूर्वी देशांतर तक। 

    बीकानेर जिले के विधानसभा क्षेत्र |  Bikaner Me Vidhansabha क्षेत्र

    बीकानेर जिले में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र है, जो निम्न प्रकार है :-
    • बीकानेर पूर्व 
    • लूणकरणसर 
    • कोलायत 
    • बीकानेर पश्चिम 
    • खाजूवाला 
    • डूंगरगढ़ 
    • नोखा

    2011 की जनगणना के अनुसार बीकानेर जिले की जनसंख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता के आंकड़े


    • बीकानेर की कुल जनसंख्या : 23,63,937
    • बीकानेर का लिंगानुपात : 905 
    • बीकानेर में जनसंख्या घनत्व : 78 
    • बीकानेर की साक्षरता दर : 65.1 प्रतिशत 
    • बीकानेर की पुरुष साक्षरता दर : 75.9% 
    • बीकानेर की महिला साक्षरता दर : 53.2%
    •  बीकानेर में पशु घनत्व : 102

    बीकानेर जिले के प्रमुख मेले और त्योहार | Bikaner ke Mele



     मेला 
    स्थान  
    दिन  
     निर्जला ग्यारस 
    लक्ष्मीनाथ मंदिर, बीकानेर  
    ज्येष्ठ सुदी 11  
     भट्टापीर उर्स 
    गजनेर  
    भादवा सुदी 8-10  
     जम्भेश्वर मेला 
    मुकाम-तालवा (नोखा) 
    वर्ष में दो बार - फाल्गुन व आश्विन अमावस्या को  
     भैरुजी का मेला 
    कोडमदेसर  
    भादवा सुदी 13  
     नागणेची जी माता 
    बीकानेर  
    नवरात्रा  
     चनणी चेरी मेला (सेवकों का मेला )
    देशनोक  
    फाल्गुन सुदी सप्तमी  
     कपिल मुनि का मेला 
    श्री कोलायत जी  
    कार्तिक पूर्णिमा  
    करणी माता का मेला 
    देशनोक, बीकानेर  
    नवरात्रा (कार्तिक एवं चैत्र माह में ) 

    बीकानेर के प्रमुख मंदिर | बीकानेर के शीर्ष मंदिर

    ✍ करणी माता का मंदिर, देशनोक

    • करणी माता को बीकानेर के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी कहा जाता है।
    • करणी माता को चूहों वाली देवी तथा चारणों की कुलदेवी कहा जाता है।
    • करणी माता का यह मंदिर देशनोक बीकानेर में स्थित है, इनका बचपन का नाम रिद्धि बाई था। इस मंदिर में सफेद चूहे पाए जाते हैं, जिन्हें काबा कहा जाता है।
    • करणी माता का मेला चेत्र व आश्विन के नवरात्र में भरता है।
    • करणी माता के मंदिर परिसर में सावन-भादो कड़ाइयाँ स्थित है।इस मंदिर में काबा के दर्शन शुभ माने जाते हैं

    ✍ मुकाम - तालवा, नोखा बीकानेर 

    यह विश्नोई संप्रदाय का प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थान है। यहां पर विश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक जांभोजी का समाधि स्थल है। यहां जांभोजी ने 1526 ईस्वी में समाधि ली थी। जाम्भोजी का वास्तविक नाम - धनराज था। इन्हें विष्णु के अवतार/गूंगा-गहला/पर्यावरण वैज्ञानिक आदि नामों से जाना जाता है। 
    ✍ श्री कोलायत जी 
    सांख्य दर्शन के प्रतिपादक कपिल मुनि की तपोभूमि श्री कोलायतजी का महत्व गंगा स्नान के बराबर माना जाता है। यहां पर कार्तिक पूर्णिमा को प्रसिद्ध मेला भरता है। यहां पर कपिल मुनि का मंदिर भी स्थित है।

    ✍ भांडासर के जैन मंदिर

    भांडासर के जैन मंदिर में जैन धर्म के पांचवे तीर्थकर सुमतिनाथ की प्रतिमा विराजित है। इस भव्य मंदिर का निर्माण भांडाशाह नामक ओसवाल महाजन ने 1468 में करवाना प्रारंभ किया था, जो 1514 में पूर्ण हुआ था। इस मंदिर के प्रथम मंजिल के निर्माण में पानी के स्थान पर घी का प्रयोग किया गया था इसलिए इस मंदिर को घी वाला मंदिर भी कहा जाता है।

    बीकानेर के दर्शनीय स्थल | बीकानेर के पर्यटन स्थल 

    ✍ जूनागढ़ किला

    जूनागढ़ किला प्राचीन दुर्ग 'बीका की टेकरी' के स्थान पर सन 1594 ईसवी में राजा रायसिंह द्वारा बनवाया गया था। इस किले में फूल महल, करण महल, चंद्र महल स्थित है तथा इसकी मुख्य प्रवेश द्वार को करणपोल कहा जाता है।

    ✍ लालगढ़ पैलेस 

    लालगढ़ पैलेस का निर्माण महाराजा गंगा सिंह द्वारा लाल पत्थर से करवाया गया था। यह पैलेस महाराजा गंगा सिंह द्वारा अपने पिता श्री लाल सिंह की स्मृति में बनवाया गया था। इस पैलेस में 'अनूप संस्कृत लाइब्रेरी' तथा 'शार्दुल संग्रहालय' स्थित है। 

    ✍ लोक देवता बिग्गाजी का मेला

    मुस्लिम लुटेरों से गायें छुड़ाते हुए लोक देवता बिग्गाजी जाट ने अपने प्राणों का बलिदान किया था। बिग्गा गांव (बीकानेर) में प्रतिवर्ष 14 अक्टूबर को लोक देवता बिग्गाजी की याद में मेला भरता है। इनका जन्म रीडी गांव (बीकानेर) में जाट परिवार में हुआ। इनके पिता-राममोहन, माता- सुल्तानी थी। बिग्गाजी को जाखड़ समाज के कुल देवता के रूप में पूजा जाता है।

    ✍ देवीकुंड सागर 

    यहां पर बीकानेर राज परिवार की छतरियां (समाधिया) है।

    ✍ कतरियासर, बीकानेर


    यहां पर जसनाथी संप्रदाय की प्रधान पीठ स्थित है। जसनाथी संप्रदाय के सिद्ध द्वारा अग्नि नृत्य (अंगारा नृत्य) किया जाता है, जो बहुत ही प्रसिद्ध है।

    ✍गंगा गोल्डन जुबली संग्रहालय

    इस संग्रहालय को बीकानेर संग्रहालय भी कहा जाता है। इसकी उद्घाटन भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा 5 नवंबर 1937 को किया गया था। इस संग्रहालय की स्थापना महाराजा गंगा सिंह की स्वर्ण जयंती पर की गई थी।

    बीकानेर की झीलें | मीठे पानी की झीलें | खारे पानी की झीलें 


    ✍ कोलायत झील (Kolayat Lake Bikaner )

    यह एक मीठे पानी की प्राकृतिक झील है। यहां पर प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा (नवम्बर) को महर्षि कपिल मुनि का प्रसिद्ध मेला भरता है। कोलायत झील को 'शुष्क मरुस्थल का सुंदर उद्यान' के नाम से भी जाना जाता है। यह झील NH-15 पर स्थित है। यहां नहाने के लिए अनेक घाट बने हुए है जिनके चारों और पीपल के पेड़ लगे हुए है। यहां प्राचीन काल में कपिल मुनि का आश्रम था।

    ✍ गजनेर झील, बीकानेर

    इस झील को "पानी का शुद्ध दर्पण" के उपनाम से भी जाना जाता है। यह झील बीकानेर के गजनेर में जंगल के अंदर स्थित है। इसके किनारे गजनेर पैलेस भी स्थित है। यह पैलेस महाराज गंगासिंह द्वारा लाल बलुआ पत्थर से बनवाया गया है। यह झील भी मीठे पानी की झील है।

    ✍ लूणकरणसर झील, बीकानेर

    यह झील लूणकरणसर, बीकानेर में स्थित है। यह झील उत्तरी राजस्थान की एकमात्र खारे पानी की झील है। लूणकरणसर को मूंगफली उत्पादन के कारण राजस्थान का राजकोट भी कहा जाता है।

    बीकानेर के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न/तथ्य | Bikaner GK in Hindi


    • बीकानेर की प्रमुख झीलें - कोलायत झील, गजनेर झील, अनुपसागर झील, सूरसागर झील, लूणकरणसर झील इत्यादि। 
    • बीकानेर में स्थित गजनेर अभ्यारण्य जंगली  तीतरों के लिए प्रसिद्ध है। 
    • कंवरसेन लिफ्ट नहर को बीकानेर की जीवन रेखा भी कहा जाता है।
    • जूनागढ़ दुर्ग के मुख्य द्वार(पूर्वी द्वार) को कर्णपोल कहा जाता है तथा पश्चिमी द्वार को चांदपोल कहा जाता है। 
    • अनूप महल - इसका निर्माण अनूपसिंह द्वारा करवाया गया था।  इस महल में ही बीकानेर के  शासकों का राजतिलक होता था।  इस इमारत में सोने की कलम से काम किया हुआ है। 
    • सिंहथल - यहां पर रामस्नेही सम्प्रदाय की पीठ स्थित है जिसके संस्थापक हरिदासजी थे। 
    • बीकानेर की हवेलियां - बच्छावतों की हवेलियां, रामपुरिया हवेली आदि। 
    • गंगा निवास पब्लिक पार्क - इस पार्क का उद्घाटन वासराय लार्ड होर्डिंग द्वारा 1915 में करवाया गया था। 
    • कंवरसेन - इंदिरा गाँधी नहर का जनक कंवरसेन को कहा जाता है। इन्हें पदम्भूषण से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार पाने वाले वे राजस्थान के प्रथम व्यक्ति थे। ये मूलतः बीकानेर जिले के थे। 
    • पृथ्वीराज राठौड़ - इन्हें पीथल एवं डिंगल का हैरोस के उपनामों से जाना जाता है। इनकी प्रमुख रचनाएं - गंगा लहरी, बेली किसन रुक्मणि री ख्यात, गंगाजी का दुहा। 
    • कुंवर जसवंत सिंह - राजस्थान की प्रथम विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता। 
    • महाराजा गंगासिंह - आधुनिक भारत का भागीरथ कहे जाने वाले  गंगासिंह को गंगनहर लाने का श्रेय दिया  जाता है। 
    • बीकानेर की पाकिस्तान के साथ लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा की कुल लम्बाई 168 किलोमीटर है। 
    • विश्व का सबसे बड़ा संयुक्त प्रशिक्षण सुविधा केंद्र बीकानेर में स्थापित।
    • एशिया एवं  देश की सबसे बड़ी ऊन मंडी बीकानेर में स्थित है। 
    • देश व राजस्थान की पहली  जैतून रिफाइनरी - लूणकरणसर (बीकानेर) में स्थित है। 
    • एशिया का प्रथम सोलर थर्मल पॉवर स्टेशन - 10 मेगावाट क्षमता का बहरूखेड़ा (बीकानेर ) में स्थित है। 
    • राजस्थान का पहला गिद्धों के लिए कंजर्वेशन रिजर्व - जोहड़बीड़ में स्थित है। 
    • वायदा बाजार आयोग बीकानेर में स्थापित। 
    • देश व राज्य में निजी क्षेत्र का प्रथम लिग्नाइट आधारित विधुत संयंत्र -  राणेरी, बीकानेर में स्थित है। 
    • देश व राज्य की प्रथम कैमल मिल्क डेयरी बीकानेर में स्थापित। 
    • राजस्थान की सबसे बड़ी जेल बीकानेर में स्थित है। 
    • निजी क्षेत्र  सबसे बड़ी जोजोबा प्लांटेशन परियोजना - झज्झर, बीकानेर में  स्थित है। 
    • न्यूनतम नदियां वाला संभाग - बीकानेर संभाग है। 
    • स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय - 1987 में बीकानेर में स्थापित ( राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के नाम से स्थापित, 28 जुलाई 2010  को वर्तमान नाम दिया गया )
    • पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय - 13 मई, 2010 को स्थापित ( राज्य का प्रथम पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय नाम से स्थापित )
    • महाराजा गंगासिंह बीकानेर विश्वविद्यालय - 1 जून, 2003 को बीकानेर विश्वविद्यालय के नाम से स्थापित, वर्तमान नाम 10 जनवरी 2009 को किया गया। 
    • बेर अनुसन्धान केंद्र एवं खजूर अनुसन्धान केंद्र बीकानेर में स्थित है। 
    • राजस्थान राज्य अभिलेखाकार 1966 में बीकानेर में स्थापित। 
    • राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी 1983 में बीकानेर में स्थापित। 
    • बीकानेर एवं चूरू एकमात्र ऐसे जिले है जहाँ से होकर एक भी नदी नहीं गुजरती है। 
    • गजनेर वन्य जीव अभ्यारण्य - यह अभ्यारण्य बटबड़ पक्षी जिसे रेत का तीतर/इम्पीरियल सेंड ग्राउन्ज भी कहते है व जंगली सूअर के लिए प्रसिद्ध हैं। 
    • राजस्थान में मरुधरा बायोलॉजिकल पार्क बीकानेर में स्थित है। 
    • ऊंट महोत्स्व - जनवरी-फरवरी माह में बीकानेर में आयोजित किया जाता है। राज्य सरकार ने 30 जून, 2014 को ऊंट को राज्य पशु (पालतू) घोषित किया था। 
    • पूंगल भेड़वंश - इसका उत्पति स्थल पूंगल तहसील बीकानेर है। इसका अनुसन्धान केंद्र बीकानेर में स्थित है। 
    • बीकानेर चित्रशैली -  इस शैली का स्वर्णकाल अनूपसिंह का शासनकाल कहलाता है। इस शैली के चित्रकार चित्र बनाकर उसके नीचे अपना नाम व तिथि का अंकन करते थे।  अतः कलाकार उस्ताद कहलाये। रामलाल, हसन और अली रजा चित्रकारों का त्रिगुट बीकानेर चित्रशैली से सम्बंधित है। 
    • बीकानेर की छतरियां - राव कल्याणमल की छतरी, राव बीका की छतरी, देवीकुंड की छतरियां आदि। 
    • बीकानेर प्रजामण्डल  की स्थापना कोलकत्ता में सन 1936 में मघाराम वैध ने की थी। 
    • बीकानेर प्रजा परिषद की स्थापना 1942 में रघुवर दयाल गोयल द्वारा की गयी थी। 

    आज की इस पोस्ट में हमने "राजस्थान के जिला दर्शन" की श्रृंखला में "बीकानेर जिला दर्शन" को पूरी तरह से कवर करने की पूरी कोशिश की है। इसमें बीकानेर का सामान्य परिचय, बीकानेर के उपनाम, 2011 की जनगणना के अनुसार बीकानेर जिले की जनसँख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता, बीकानेर का क्षेत्रफल, बीकानेर की मानचित्र में स्थिति, बीकानेर के विधानसभा क्षेत्र, बीकानेर के मेले, बीकानेर के मंदिर, बीकानेर के पर्यटन स्थल, बीकानेर की नदियां एवं इसके अलावा जितने भी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न बन सकते थे, उनको शामिल कर पेश किया गया है।  मैं उम्मीद करती हूँ क़ि आप सभी पाठकों को मेरी यह पोस्ट अच्छी लगी होंगी। आप सभी को यह पोस्ट कैसी लगी आप मुझे कमेंट करके जरूर बताये। 

    Tags : Bikaner District GK in Hindi, Bikaner GK in Hindi, Rajasthan District GK in Hindi, Rajasthan GK in Hindi, Rajasthan GK video in Hindi, Rajasthan GK, Bikaner District GK, Bikaner District All GK in Hindi, Bikaner Fort History in Hindi, Gk Trick in Hindi, Rajasthan GK trick in Hindi, Bikaner ka itihas, Bikaner ka itihas in Hindi, Rajasthan GK tricks in Hindi, rajasthan GK short tricks in Hindi, Rajasthan GK audio in Hindi.


    हमसे जुड़े

    Educational Facebook Group

    Join

    PDF/Educational Telegram Group

    Join

    Educational Facebook Page

    Join