राजस्थान जिला दर्शन : 'भीलवाड़ा जिला दर्शन'

भीलवाड़ा जिले की सम्पूर्ण जानकारी | Bhilwara District GK in Hindi | भीलवाड़ा जिला Rajasthan GK in Hindi , bhilwara district gk in hindi
Bhilwara GK : 'Bhilwara Jila Darshan'


    भीलवाड़ा जिले के उपनाम | भीलवाड़ा के उपनाम/प्राचीन नाम

    • राजस्थान का मैनचेस्टर 
    • टेक्सटाइल सिटी 
    • वस्त्र नगरी 
    • अभ्रक नगरी 
    • वस्त्र निर्यातक शहर 
    • टाउन लेंस 
    • ज़ू ऑफ मिनरल

    भीलवाड़ा का सामान्य परिचय | Bhilwara Ki Jankari Hindi Me

    • भीलवाड़ा का क्षेत्रफल 10455 वर्ग किलोमीटर। 
    • भीलवाड़ा में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र है। 
    • भीलवाड़ा के शाहपुरा में रामानंदी संप्रदाय की शाखा रामस्नेही संप्रदाय की प्रधान पीठ है। 
    • आसींद भीलवाड़ा में खारी नदी के तट पर लगभग 11 सौ वर्षों पुराना देवनारायण मंदिर (सवाई भोज मंदिर) स्थित है। 
    • मांडलगढ़ भीलवाड़ा में मेवाड़ महाराणा सांगा का समाधि स्थल है। 

    भीलवाड़ा जिले की मानचित्र के अनुसार स्थिति | Bhilwara Ki Sthiti Evm Vistar

    🔰अक्षांशीय स्थिति : 25 डिग्री उत्तरी अक्षांश से 27 डिग्री 50 मिनट उत्तरी अक्षांश तक। 
    🔰देशांतरीय विस्तार : 74 डिग्री 3 मिनट पूर्वी देशांतर से 75 डिग्री 25 मिनट पूर्वी देशांतर तक। 

    भीलवाड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र | Bhilwara Me Vidhansabha क्षेत्र

    • आसींद 
    • मांडलगढ़ 
    • भीलवाड़ा 
    • शाहपुरा 
    • जहाजपुर 
    • सहाड़ा 
    • मांडल 

    2011 की जनगणना के अनुसार भीलवाड़ा जिले की जनसंख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता के आंकड़े

    • भीलवाड़ा की कुल जनसंख्या : 2408523 
    • भीलवाड़ा का लिंगानुपात : 973 
    • भीलवाड़ा में जनसंख्या घनत्व : 230 
    • भीलवाड़ा की साक्षरता दर : 62.71% 
    • भीलवाड़ा की पुरुष साक्षरता दर :75.3% 
    • भीलवाड़ा की महिला साक्षरता दर : 47.2% 
    • भीलवाड़ा में पशु घनत्व : 234

    भीलवाड़ा जिले के प्रमुख मेले और त्यौहार | Bhilwara Ke Mele


    मेला  
    स्थान  
    दिन  
     सवाई भोज का मेला 
    सवाई भोज, आसींद  
    भाद्रपद शुक्ल 6  
     फूलडोल का मेला 
    ( रामस्नेही सम्प्रदाय)
    रामनिवास धाम (रामद्वारा) 
    चैत्र कृष्णा प्रतिपदा से पंचमी तक।  
     तिलस्वां महादेव मेला 
    तिलस्वां (मांडलगढ़) 
    शिवरात्रि के अवसर पर  
     सौरत (त्रिवेणी) का मेला 
    त्रिवेणी संगम, सौरत, ( मेनाल, मांडलगढ़) 
    शिवरात्रि  के पर्व पर 
     धनोप माता का मेला 
    धनोप गांव (खारी व मानसी नदी के बीच स्थित ) 
     चैत्र शुक्ल 1 से 10 

    भीलवाड़ा के प्रमुख मंदिर | भीलवाड़ा के शीर्ष मंदिर


    🔰 सवाई भोज मंदिर


    सवाई भोज मंदिर आसींद (भीलवाड़ा) में खारी नदी के तट पर स्थित है। यह लगभग ग्यारह सौ वर्ष पुराना मंदिर है। इसे देवनारायण जी का मंदिर भी कहते हैं। गुर्जर जाति के लोग इसे अपना श्रद्धा का केंद्र मानते हैं। इन्हें गुर्जर जाति के लोग विष्णु का अवतार/आयुर्वेद ज्ञाता आदि नामों से पुकारते हैं। यह मंदिर 24 बगड़ावत भाइयों में से एक सवाई भोज को समर्पित है, इसलिए इसे सवाई भोज मंदिर कहते हैं। इस मंदिर में कोई भी मूर्ति विराजमान नहीं है। यहां पर केवल ईंट की पूजा नीम की पत्तियों द्वारा की जाती है। यहां पर भाद्रपद शुक्ला छठ को एक विशाल मेला भरता है। देवनारायण जी की फड़ राजस्थान में बहुत ही लोकप्रिय है। यह राजस्थान की सबसे लंबी, सबसे प्राचीन फड़ है। देवनारायण जी की फड़ पर 1992  में ₹5 का टिकट जारी हुआ था।  देवनारायण जी की फड़ को बांचने के लिए जंतर नामक वाद्य यंत्र को काम में लिया जाता है। 

    🔰 बाईसा महारानी का मंदिर

    यह मंदिर गंगापुर (भीलवाड़ा) में स्थित हैइस मंदिर का निर्माण ग्वालियर के महाराजा महादजी सिंधिया की पत्नी महारानी गंगाबाई की स्मृति में करवाया गया था। महारानी गंगाबाई उदयपुर के महाराणा व उनके उमराव देवगढ़ राव के मध्य सुलह करवाने के लिए उदयपुर गई थी और वहां से वापस लौटते वक्त उनका देहांत हो गया था। यहां पर उनकी छतरी बनी हुई है। इस मंदिर में गंगाबाई की मूर्ति में विराजमान है। 

    🔰 शाहपुरा का रामद्वारा

    शाहपुरा में रामस्नेही संप्रदाय का प्रधान मठ स्थित हैरामस्नेही संप्रदाय के संस्थापक श्री रामचरण जी महाराज ने रामस्नेही संप्रदाय की मुख्य गद्दी शाहपुरा में 1751 में स्थापित की थी | प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से पंचमी तक शाहपुरा में फूलडोल महोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता हैं। 

    🔰 हरणी महादेव का मंदिर 

    यहां पर प्रतिवर्ष शिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेला लगता है | यहां एक झुकी हुई चट्टान के नीचे शिव जी का मंदिर भी बना हुआ है। 

    🔰धनोप माता का मंदिर 

    यह मंदिर धनोप गांव (भीलवाड़ा) में स्थित हैराजा धुंध की कुलदेवी धनोप माता के इस मंदिर में प्रतिवर्ष चैत्र सुदी एकम से चैत्र सुदी दशमी तक एक विशाल मेला आयोजित होता है। 

    🔰 तिलस्वा महादेव मंदिर 

    मांडलगढ़ के निकट स्थित इस मंदिर में शिवरात्रि को एक मेला भरता है। यहां पर एक जलकुंड है, जो चर्म रोग निवारण के लिए प्रसिद्ध है। 

    भीलवाड़ा के दर्शनीय स्थल | भीलवाड़ा के पर्यटन स्थल

    🔰मेनाल

    मेनाल चित्तौड़गढ़-बूंदी मार्ग पर मांडलगढ़ कस्बे के निकट स्थित है। यह स्थान नीलकंठेश्वर महादेव के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर मेनाल नदी पर मेनाल जलप्रपात स्थित है। यहां एक बारहमासी झरना भी बहता है। मेनाल से कुछ दूर बिगोद के निकट भीलवाड़ा में 3 नदियां-बनास, बेड़च व मेनाल का त्रिवेणी संगम स्थित है। 

    🔰 मांडल

    यहां पर कोठारी नदी पर मेजा बांध बना हुआ है। यहां पर जगन्नाथ कछुआ की 32 खंभों की छतरी पर्यटन की दृष्टि से बहुत ही प्रसिद्ध है। यहां पर होली तेरह दिन बाद रंग तेरस पर "नाहर नृत्य" का आयोजन किया जाता है। 

    🔰 शाहपुरा 

    शाहपुरा में रामस्नेही संप्रदाय की प्रधान पीठ "रामद्वारा" स्थित है। केसरी सिंह बारहठ तथा प्रताप सिंह बारहठ की हवेली भी शाहपुरा में स्थित है  | परकोटे के द्वार पर केसरी सिंह बारहठ, जोरावर सिंह बारहठ तथा प्रताप सिंह बारहठ की मूर्तियां भी लगी हुई है। शाहपुरा कस्बा पड़ चित्रण के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर प्रतिवर्ष 23 दिसंबर को शहीद मेला लगता है | होली के दूसरे दिन यहां पर फूलडोल मेला आयोजित होता है | 

    🔰बारहदेवरा, जहाजपुर 

    यहां पर 12 लघु देवालय बने हुए हैं। 

    🔰चमना बावड़ी 

    यह बावड़ी तीन मंजिली हैइसका निर्माण 1800  में महाराजा उम्मेद सिंह प्रथम ने चमना नामक गणिका की इच्छा पर करवाया था। यह शाहपुरा (भीलवाड़ा) में स्थित है। 

    🔰 बागोर 

    यह कोठारी नदी के तट पर स्थित है। यहां के पूर्व में "महासतियों का टीला" नाम का स्थल पाषाणकालीन अवशेषों के कारण विश्व विख्यात है।  बागोर अभ्रक बहुल क्षेत्र के मध्य स्थित है। 

    भीलवाड़ा की नदियां | Bhilwara Rivers GK in Hindi

    🔰 मेज नदी 

    मेज नदी का उद्गम स्थल मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) के बिजोलिया के निकट से होता है। यह नदी कोटा जिले के भैंसखाना गांव में चंबल नदी में मिल जाती है। मेज नदी का जल ग्रहण क्षेत्र भीलवाड़ा, टोंक, बूंदी जिले हैं। मेज नदी की सहायक नदियां - कुराल, मांगली, बाजन  आदि है। 

    🔰 मानसी नदी 

    मानसी नदी मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) के निकट करणगढ़ नामक स्थान से निकलती है तथा यह अजमेर की सीमा पर फुलियां की ढाणी नामक स्थान पर खारी नदी में मिल जाती है।  

    🔰  भीलवाड़ा की अन्य नदियां 

    मांगली नदी, घोड़ा पछाड़ नदी, मेनाल नदी, बेड़च नदी, खारी नदी, बनास नदी, कोठारी नदी आदि। 

    भीलवाड़ा के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न | Bhilwara GK in Hindi


    • प्रथम अहिंसात्मक असहयोग किसान आंदोलन 1897 से 1941 तक बिजोलिया (भीलवाड़ा) में चलाया गया था। इसे बिजोलिया किसान आंदोलन कहा जाता है। 
    • कंप्यूटर एडेड डिजाइन केंद्र - भीलवाड़ा में। 
    • केंद्र सरकार ने 26 फरवरी, 2009 को "कपड़ा निर्यातक शहर" का दर्जा दिया गया है। 
    • राजस्थान में वनस्पति घी की पहली मिल 1964 में भीलवाड़ा में स्थापित। 
    • कृषि विज्ञान रेडियो स्टेशन - भीलवाड़ा में स्थित हैं। 
    • सर्वाधिक तहसीलों ( 16) व सर्वाधिक उपखंडों(16) वाला जिला - भीलवाड़ा है। 
    • मेजा बांध - यह बांध कोठारी नदी पर मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) में बना हुआ है।  इस बांध पर मेजा पार्क बना हुआ है। जिसे "ग्रीन माउंट" में नाम से जाना जाता है। 
    • खारी बांध, सरेरी बांध, उर्मिला सागर बांध, अडवान बांध, उम्मीद सागर बांध, रामसागर बांध आदि भीलवाड़ा में स्थित है। 
    • बाई राज की बावड़ी, चमना बावड़ी, चौखी बावड़ी ( बनेड़ा गांव में ) आदि बावड़ियां भीलवाड़ा में स्थित हैं। 
    • भीलवाड़ा में तांबा खनिज के उत्पादक क्षेत्र - पुर दरीबा, बनेड़ा। 
    • भीलवाड़ा में सीसा,जस्ता व चाँदी के  उत्पादक क्षेत्र - रामपुरा, आगूंचा।
    • भीलवाड़ा में अभ्रक उत्पादक क्षेत्र - दांता, भूणास, बनेड़ी, फुलिया। 
    • भीलवाड़ा फ्लोराइट/फ्लोरस्पार उत्पादक क्षेत्र -  आसींद। 
    • मेवाड़ टेक्सटाइल्स मिल्स की स्थापना 1938 ईस्वी में भीलवाड़ा में की गयी। 
    • राजस्थान स्पिनिंग एंड वीविंग मिल्स की स्थापना 1960 में भीलवाड़ा में की गयी। 
    • कुशाल माता - महाराणा कुम्भा ने 1490 ईस्वी में मालवा विजय के उपलक्ष में बदनोर ( भीलवाड़ा) में इसका निर्माण करवाया था।  
    आज की इस पोस्ट में हमने "राजस्थान के जिला दर्शन" की श्रृंखला में "भीलवाड़ा जिला दर्शन" को पूरी तरह से कवर करने की पूरी कोशिश की है। इसमें भीलवाड़ा का सामान्य परिचय, भीलवाड़ा के उपनाम, 2011 की जनगणना के अनुसार भीलवाड़ा जिले की जनसँख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता, भीलवाड़ा का क्षेत्रफल, भीलवाड़ा की मानचित्र में स्थिति, भीलवाड़ा  के विधानसभा क्षेत्र, भीलवाड़ा के मेले, भीलवाड़ा के मंदिर, भीलवाड़ा के पर्यटन स्थल, भीलवाड़ा की नदियां एवं इनके अलावा जितने भी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न बन सकते थे , उनको शामिल कर पेश किया गया है। मैं उम्मीद करती हूँ कि आपको मेरी यह पोस्ट अच्छी लगी होंगी। आप सभी पाठकों को मेरी यह पोस्ट कैसी लगी आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं। 

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