राजस्थान जिला दर्शन : 'बारां जिला दर्शन'

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Baran GK : 'Baran Jila Darshan'

प्राचीन काल में 'वराह नगरी' (भगवान विष्णु के वराह अवतार के कारण ) के नाम से प्रसिद्ध बारां जिला प्राचीन काल में 12 तालाबों को पाटकर बसाया गया था। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस क्षेत्र में 12 गांव आते थे, इसलिए इसे 'बारां' नाम से पुकारा जाता है। 10 अप्रैल, 1991 को कोटा से पृथक कर बारां जिला बनाया गया। बारां जिले को सोलंकी राजपूतों ने बसाया था


    बारां जिले के प्रमुख उपनाम | बारां के प्राचीन नाम


    • प्राचीन काल में राजस्थान का बारां जिला भगवान विष्णु के वराह अवतार के कारण "वराहनगरी" के नाम से प्रसिद्ध रहा है।

    बारां का सामान्य परिचय | Baran Ki Jankari Hindi Me


    • बारां का क्षेत्रफल : 6992 वर्ग किलोमीटर
    • बारां का नगरीय क्षेत्रफल : 82.78 वर्ग किलोमीटर
    • बारां का ग्रामीण क्षेत्रफल : 6909.22 वर्ग किलोमीटर
    • बारां का वन्य क्षेत्रफल : 2202.89  किलोमीटर
    • बारां में ग्राम पंचायतों की संख्या : 215 
    • बारां में उपखण्ड कार्यालय : 06 
    • बारां में पंचायत समितियों की संख्या : 07 
    •  बारां की तहसीलों की संख्या : 08 

    बारां जिले की मानचित्र के अनुसार स्थिति | Baran Ki Sthiti Evm Vistar

    🔰अक्षांशीय स्थिति : 24 डिग्री 25 मिनट उत्तरी अक्षांश से 25 डिग्री 25 मिनट उत्तरी अक्षांश तक।

    🔰देशांतर स्थिति : 76 डिग्री 12 मिनट पूर्वी देशांतर से 76 डिग्री 26 मिनट पूर्वी देशांतर तक।

    बारां जिले के विधानसभा क्षेत्र | Baran Me Vidhansabha क्षेत्र


    "वराहनगरी" के उपनाम से प्रसिद्ध राजस्थान के बारां जिले में कुल 4 विधानसभा क्षेत्र है, जिनके नाम निम्न है:-

    • अंता
    • किशनगंज
    • छबड़ा
    • बारां-अटरू

    2011 की जनगणना के अनुसार बारां जिले की जनसंख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता के आंकड़े | 


    • बारां की कुल जनसंख्या : 1222755
    • बारां का लिंगानुपात : 929
    • बारां की साक्षरता दर : 66.7%
    • बारां में पुरुष साक्षरता : 80.4 प्रतिशत
    • बारां में महिला साक्षरता : 52%

    बारा के प्रमुख मेले एवं त्यौहार | Baran Ke Prmukh Mele




    मेला  
    स्थान  
    दिन  
     सीताबाड़ी का मेला (धार्मिक व पशु मेला)
    सीताबाड़ी, केलवाड़ा (सहरिया जनजाति का कुम्भ)
    ज्येष्ठ अमावस्या (इस मेले में सहरियाओं का स्वयंवर होता है )
     डोल मेला 
    बारां (डोल तालाब ) 
    जलझूलनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ला 11) इसमें देवविमानों सहित शोभायात्रा निकलती है।  
     बीजासण माता का मेला 
    छबड़ा, गुगोर  
    माघ सुदी 4, 15  
    ब्रह्माणी माता का मेला  
    सोरसन में। यहां पर गधों का मेला भी लगता है 
    माघ शुक्ल सप्तमी  
     फूलडोल शोभा यात्रा महोत्सव (श्रीजी का मेला )
    किशनगंज (बारां ) में  
    होली (फाल्गुन मास की पूर्णिमा ) 
     रामेश्वर महादेव मेला 
    शाहबाद  
    फाल्गुन सुदी चौथ  
     धनुष लीला 
    अटरू  
    ------- 



    बारां के प्रमुख मंदिर |  बारां के शीर्ष मंदिर 


    ✍ भण्डदेवरा शिवमंदिर (रामगढ़)

    "राजस्थान का मिनी खजुराहो/हाड़ोती का खजुराहो" उपनाम से प्रसिद्ध भण्डदेवरा बारां जिले में स्थित है। भण्डदेवरा का अर्थ : टूटा-फुटा देवालय होता है। इसका निर्माण शत्रुओं पर अपनी विजय के उपलक्ष में मेदवंशीय राजा मलयवर्मन द्वारा किया गया। यह मंदिर पंचायतन शैली का उत्कृष्ट नमूना है। यहां पर मिथुन मुद्रा में बहुत सारी आकृतियां उत्कीर्ण है , इसलिए इसे राजस्थान का मिनी खजुराहो भी कहते है। यहां पहाड़ी पर अन्नपूर्णा देवी का मंदिर भी है।

    ✍ब्रह्माणी माता का मंदिर

    राजस्थान का एकमात्र ब्रह्माणी माता का मंदिर जहां देवी की पीठ की पूजा की जाती है, सोरसन (बारां) में स्थित है। इसे शैलाश्रय गुहा मंदिर भी कहते हैं। इस मंदिर में झालावाड़ के शासक झाला जालिमसिंह ने सीढ़ियां बनवाई थी। यह कुम्हारों की कुल देवी है। यहां पर माघ शुक्ल सप्तमी को गधों का मेला लगता है।

    ✍काकुनी मंदिर समूह

    'काकुनी मंदिर समूह' बारां जिले की छिपाबड़ोद तहसील में मुकुंदरा की पहाड़ियों में परवन नदी के किनारे बने हुए हैं।

    ✍शाही जामा मस्जिद

    यह शाहाबाद में स्थित है तथा यह औरंगजेब के समय की बनी हुई है।

    ✍गड़गच्च देवालय, अटरू(बारां)

    अटरू का प्राचीन नाम 'अटलपुरी' था, यहां पर बने फूलदेवरा मंदिर को 'मामा-भांजा का मंदिर' भी कहा जाता है।

    बारां के दर्शनीय स्थल | बारां के पर्यटन स्थल


    ✍सीताबाड़ी

    केलवाड़ा गांव के निकट स्थित 'सीताबाड़ी' सहरिया जनजाति का धार्मिक स्थल है। इसे सहरिया जनजाति का कुंभ कहा जाता है। क्योंकि सहरिया जनजाति के लोग यहां पर मृतकों की अस्थिकलश प्रवाहित करते हैं। यहां पर सीता व लक्ष्मण का प्राचीन मंदिर एवं वाल्मीकि मंदिर भी स्थित है। ऐसा माना जाता है कि सीता माता का भगवान श्रीराम द्वारा त्याग किए जाने पर सीता माता यहीं सीताबाड़ी में आकर रही थी तथा लव-कुश का जन्म भी यहीं पर हुआ था। यहां पर वाल्मिकी आश्रम, सूरजकुंड, लक्ष्मण कुंड, सीता कुंड एवं रावण तलाई आदि प्रमुख प्रसिद्ध स्थल स्थित है।

    ✍शाहाबाद दुर्ग

    इस दुर्ग का निर्माण चौहान राजा मुक्तामन (मुकुटमणिदेव) द्वारा मुकुंदरा पर्वत श्रेणी की भामती पहाड़ी पर सन 1521 में करवाया गया। इसमें सावन-भादो महल स्थित है। इस दुर्ग में 'कुंडा खोल' झरना (चश्मा) स्थित है। इस दुर्ग में 18 तोपें है, जिनमें से सबसे बड़ी तोप का नाम "नवलखा बाण तोप" है जो 19 फीट लंबी है।

    ✍बाबाजी बाग (मांगरोल)

    मांगरोल 'ढाई कड़ी की रामलीला', 'टेराकोटा खादी' आदि के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर बने बाबाजी बाग का निर्माण शहीद पृथ्वी सिंह हाड़ा की स्मृति में करवाया गया।

    ✍नाहरगढ़

    यह बारां जिले के किशनगंज तहसील में स्थित है। यह दिल्ली के लाल किले की शैली से निर्मित है। इसमें नेकनाम बाबा की दरगाह स्थित है।

    ✍शेरगढ़ वन्य जीव अभ्यारण

    शेरगढ़ वन्य जीव अभ्यारण बारां में स्थित है। इसकी स्थापना 30 जुलाई 1986 में की गई। यह अभ्यारण सांपों के शरण स्थली के रूप में विख्यात है। परवन नदी इसी अभ्यारण में से होकर गुजरती है। यहां पर मुख्यतः लोमड़ी, बघेरा, सांभर, चीतल आदि मिलते हैं

    ✍अन्य स्थल

    शेरगढ़ (यशवर्धन दुर्ग), कृष्ण विलास (विलासगढ़), कपिलधारा तीर्थ (किशनगंज तहसील में ), काकोली पुरास्थल, भंडदेवरा, ब्रह्माणी माता का मंदिर, शाही जामा मस्जिद, काकुनी मंदिर समूह, लक्ष्मीनारायण मंदिर, कल्याणराय (श्रीजी) का मंदिर (मांगरोल)

    बारां जिले की प्रमुख नदियां | Baran Jile Se Hoker Bahne Vali Ndiyan

    ✍पार्वती नदी

    यह नदी मध्य प्रदेश के सिहोर (विंध्य पर्वत श्रेणी) से निकलकर राजस्थान के बारां जिले के करयाहट नामक स्थान से राजस्थान में प्रवेश करती है। यह पालिया (कोटा) में चंबल नदी में मिल जाती है। पार्वती बेसिन राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्य के बीच प्राकृतिक सीमा का सृजन करती है।

    ✍परवन नदी

    मध्यप्रदेश के मालवा के पठार से निकलकर राजस्थान में खरीबोर (झालावाड़) में प्रवेश करती है। यह रामगढ़ कोटा में कालीसिंध नदी में मिल जाती है। इसी नदी पर बारां जिले में परवन परियोजना शुरू की गई।

    बारां के अतिमहत्वपूर्ण तथ्य/प्रश्न | Baran GK in Hindi

    • सोरसेन ( बारां ) में ब्रह्माणी माता का एकमात्र मंदिर स्थित है, जहां पर देवी की पीठ की पूजा की जाती है। 
    • बैथली परियोजना एवं अँधेरी परियोजना - बारां में स्थित है। 
    • राजस्थान की पहली लहसुन मंडी - छीपाबड़ौद ( बारां ) में स्थित है। 
    • सर्वाधिक मसाला उत्पादक जिला - बारां। 
    • राजस्थान का मिनी खजुराहो - भंडदेवरा (बारां) में स्थित है। 
    • जमनापुरी नस्ल की बकरियां बारां जिले की प्रसिद्ध है। 
    • 'परवन परियोजना'  परवन नदी पर बारां जिले में स्थित है। 
    • तपसी की बावड़ी एवं औस्तिजि की बावड़ी (शाहबाद कस्बे में) बारां में स्थित है। 
    • ल्हासी सिंचाई परियोजना - बारां में स्थित है। 
    • सहरिया जनजाति राजस्थान में सर्वाधिक शाहबाद व किशनगंज  में निवास करती है। 
    • उम्मेदसागर एवं सीताबाड़ी, बारां में स्थित है। 
    • कवई विधुत परियोजना- बारां में स्थित है। 
    • सुपर क्रिटिकल तापीय विधुत गृह (राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा बिजलीघर ) - मोतीपुरा चौकी गांव ( छबड़ा - बारां ) में स्थित है। 
    • कोषवर्द्धन किला - इसे जल दुर्ग/शेरगढ़ दुर्ग भी कहते है। यह दुर्ग परवन नदी के मुहाने पर स्थित है। 
    • सहरिया परिवारों को जंगलों से जोड़ने के लिए सहरिया वन क्लोजर योजना चलाई जा रही है। 
    • शाहबाद दुर्ग - इसे सलीमाबाद दुर्ग भी कहते है। 
    • शाहबाद मस्जिद - राजस्थान की सबसे बड़ी मस्जिद है।  इसका निर्माण मुक्तामन ने करवाया था। 
    • प्राकृतिक गैस पर आधारित विधुत संयंत्र - अंता(बारां) में स्थित है। 
    • थानेदार नाथूसिंह की छतरी - इसको शाहबाद (बारां) में उम्मेदसिंह ने बनवाई थी। 
    • मसूरिया साड़ी के लिए बारां प्रसिद्ध है। 
    • डोल मेला - भाद्रपद शुक्ल ग्यारस को बारां में भरता है। 
    आज की इस पोस्ट में हमने 'राजस्थान के जिला दर्शन' की श्रृंखला में "बारां  जिला दर्शन" को पूरी तरह से कवर करने की कोशिश की है।  साथ ही हर संभव बारां पर जितने भी  प्रश्न बन सकते थे, को शामिल किया गया है। इसमें बारां का सामान्य परिचय, 2011 की जनगणना के अनुसार बारां की जनसँख्या/घनत्व/साक्षरता/लिंगानुपात, बारां का  क्षेत्रफल,बारां की मानचित्र में स्थिति, बारां के विधानसभा क्षेत्र, बारां के प्रमुख मेले, बारां के प्रमुख मंदिर, बारां के पर्यटक स्थल, बारां के खनिज एवं इनके अलावा भी जितने भी मोस्ट इम्पोर्टेन्ट प्रश्न बन सकते थे, उन सभी को शामिल कर पेश किया गया है। उम्मीद करती हूँ कि आपको यह पोस्ट बहुत पसंद आएगी। आपको यह पोस्ट कैसी लगी आप मुझे Comment करके जरूर बताएं। 

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