जैसलमेर जिला दर्शन 

राजस्थान की स्वर्ण नगरी के उपनाम से प्रसिद्ध राजस्थान के जैसलमेर शहर को 1155 ईस्वी में राव जैसल द्वारा बसाया गया था तथा जैसलमेर के किले की नींव 12 जुलाई 1155 को रखी गई थी। जैसलमेर का किला त्रिकूट पहाड़ी (गोडाहरे पहाड़ी) पर स्थापित है। इसलिए इसे त्रिकूटगढ़/त्रिकूटांचल/गोडहरा  भी कहा जाता है। 
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Jaisalmer GK : Jaisalmer Jila Darshan

    जैसलमेर के उपनाम/प्राचीन नाम

    • पीले पत्थरों का शहर 
    • राजस्थान की स्वर्ण नगरी 
    • हवेलियों का शहर 
    • राजस्थान का अंडमान 
    • म्यूजियम सिटी 
    • झरोखों की नगरी 
    • रेगिस्तान का गुलाब 
    • पंखों की नगरी 
    • गलियों का शहर 
    • जैसलमेर के प्राचीन नाम - मांड प्रदेश, वल्ल प्रदेश, दुंगल आदि। 

    जैसलमेर का सामान्य परिचय

    • जैसलमेर का क्षेत्रफल : 38401 वर्ग किलोमीटर। 
    • जैसलमेर में तहसीलों की संख्या : 3 
    • जैसलमेर में उप तहसीलों की संख्या : 4 
    • जैसलमेर में उपखंडों की संख्या : 3  


    जैसलमेर जिले की मानचित्र में स्थिति एवं विस्तार

    • अक्षांशीय स्थिति : 26 डिग्री 5 मिनट उत्तरी अक्षांश से 28 डिग्री उत्तरी अक्षांश। 
    • देशांतरीय स्थिति : 69 डिग्री 30 मिनट पूर्वी देशांतर से 70 डिग्री पूर्वी देशांतर तक। 


    जैसलमेर जिले के विधानसभा क्षेत्र

    जैसलमेर जिले में कुल 2 विधानसभा क्षेत्र है, जिनके नाम निम्नानुसार है :-
    • जैसलमेर
    •  पोकरण


    2011 की जनगणना के अनुसार जैसलमेर जिले की जनसंख्या / घनत्व / लिंगानुपात / साक्षरता के आंकड़े

    • जैसलमेर की कुल जनसंख्या : 6,69,919 
    • जैसलमेर का लिंगानुपात : 852 
    • जैसलमेर में जनसंख्या घनत्व : 17 (न्यूनतम) 
    • जैसलमेर की साक्षरता दर : 57.2 प्रतिशत 
    • जैसलमेर में पुरुष साक्षरता दर : 72% 
    • जैसलमेर में महिला साक्षरता दर : 39.7%


    जैसलमेर जिले के प्रमुख मेले और त्यौहार

    • वैशाखी मेला - यह मेला वैशाखी, जैसलमेर में वैशाख पूर्णिमा को भरता है। 
    • पर्यटक मरू मेला - यह मेला जैसलमेर जिले में जैसलमेर एवं सम स्थानों पर माघ शुक्ला 13 से 15 तक भरता है। 
    • तेमड़ीराय मेला - यह मेला तेमड़ीराय मंदिर, जैसलमेर में भरता है। 
    • रामदेवरा मेला - यह मेला जैसलमेर जिले की पोकरण तहसील में रामदेवरा (रुणेचा) नामक स्थान पर भाद्रपद शुक्ला 2 से 11 तक भरता है। 
    • चुंघी तीर्थ मेला - यह मेला चुंगी तीर्थ, भीलों की ढाणी (जैसलमेर) में भाद्रपद शुक्ला चतुर्थी को भरता है। 


    जैसलमेर के प्रमुख मंदिर | जैसलमेर के शीर्ष मंदिर


    ✍ रामदेवरा मंदिर ➡️
    यह मंदिर जैसलमेर जिले की पोकरण तहसील के निकट रुणेचा (रामदेवरा) में स्थित है। इस मंदिर के प्रति लोगों में इतनी श्रद्धा है कि लोग जाति एवं धर्म के आधार पर भेदभाव ना करते हुए दूर-दराज तक सभी क्षेत्रों से सभी समुदायों के लोग पूजा अर्चना एवं दर्शन करने के लिए इस मंदिर में आते हैं। इसलिए यह मंदिर राष्ट्रीय एकता एवं सांप्रदायिक सद्भाव का मुख्य केंद्र माना जाता है। इस मंदिर के पुजारी तवर जाति के राजपूत होते हैं तथा बाबा रामदेव जी के तीर्थ यात्रियों को जातरू कहा जाता है। रामदेव जी ने रामदेवरा से कुछ ही दूरी पर स्थित पंच पीपली में पांचों पीरों को पर्चा दिया था। रामदेव जी को प्रिय श्वेत तथा नीले घोड़े चढ़ाए जाते हैं। रामदेव जी ने कामङिया पंथ चलाया था। भैरव राक्षस का वध किया था। रामदेवजी को चढ़ाई जाने वाली 5 रंगों की ध्वजा नेजा कहलाती हैं। पुजारी रिखिया कहलाते हैं तथा जागरण को जमा कहा जाता है। 

    ✍ अमर सागर जैन मंदिर ➡️
    जैसलमेर में अमर सागर तालाब के किनारे 1871 ईस्वी में बना अमर सागर जैन मंदिर एक भव्य जैन मंदिर है। यह मंदिर शिल्प कला की दृष्टि से एक उत्कृष्ट नमूना है। 

    ✍ लक्ष्मी नारायण मंदिर ➡️
    लक्ष्मी नारायण जी के मंदिर का निर्माण महाराजा बेरीसाल ने 1437 ईस्वी में करवाया था। जैसलमेर के शासक स्वयं को लक्ष्मी नारायण जी का दीवान मानते थे तथा उनको अपना शासक मानते थे। 

    ✍ लोद्रवा के पार्श्वनाथ मंदिर ➡️
    यह प्राचीन युगल प्रेमी मूमल व महेंद्रा का प्रणय स्थल है। 

    ✍ तनोट माता का मंदिर ➡️
    तनोट माता की पूजा सीमा सुरक्षा बल के जवान करते हैं। यह राजस्थान का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जो सेना के अधीन है। तनोट माता के इस मंदिर के सामने भारत की पाकिस्तान पर 1965 के युद्ध की विजय का स्तंभ लगा हुआ है। उपनाम - भोजासरी, सैनिकों की देवी, रुमाली माता, थार की वैष्णो देवी, देगराय आदि। 

    ✍ स्वांगिया माता का मंदिर ➡️
    इन्हें जैसलमेर के भाटी राजवंश की कुलदेवी कहा जाता है। इन्हें स्वांगिया माता , सांगिया माता अथवा सुग्गा माता आदि नामों से भी पुकारा जाता है। 

    ✍ हिंगलाज माता का मंदिर  ➡️
    गडसीसर (जैसलमेर) में स्थित हिंगलाज माता के इस मंदिर में माता की पूजा राजस्थान का क्षत्रिय व चारण समाज करता है। हिंगलाज माता का मूल मंदिर बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में है। ऐसा माना जाता है कि हिंगलाज  माता के दर्शन करने एवं  पूजा करने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। 

    जैसलमेर जिले के दर्शनीय स्थल/पर्यटन स्थल


    ✍जैसलमेर दुर्ग/सोनार किला➡️
    जैसलमेर दुर्ग की नीव महारावल जैसल देव ने 12 जुलाई 1155 में रखी थी तथा इनकी मृत्यु हो जाने पर इसका अधिकतर निर्माण कार्य उसके पुत्र एवं उत्तराधिकारी शालिवाहन द्वितीय ने करवाया था। जैसलमेर दुर्ग को बनाने में चूने का प्रयोग नहीं किया गया है। यह दुर्ग पीले पत्थरों से बना होने से स्वर्णिम आभा लिए हुए प्रतीत होता है, इसलिए इसे सोनार किला कहा जाने लगा। जैसलमेर दुर्ग के उपनाम - सोनार का किला, त्रिकूटगढ़, रेगिस्तान का गुलाब, गलियों का दुर्ग, जैसाणगढ़, स्वर्ण गिरी, पश्चिमी सीमा का प्रहरी, त्रिकुटांचल, गोडहरा आदि। जैसलमेर दुर्ग एकमात्र ऐसा दुर्ग है जिसकी छत लकड़ी की बनी हुई है। यह विशाल दुर्ग अंगड़ाई लेते हुए शेर के समान प्रतीत होता है। इस दुर्ग में 99 बुर्जे हैं। इस दुर्ग के लिए एक कहावत प्रचलित है कि "यहां पत्थर के पैर, लोहे का शरीर और काठ के घोड़े पर सवार होकर ही पहुंचा जा सकता है"जैसलमेर दुर्ग के प्रवेश द्वार - अक्षय पोल, सूरजपोल, गणेश पोल, हवापोल आदि। जैसलमेर दुर्ग में जैसलू का कुआं भी बना हुआ है। जैसलमेर दुर्ग पर सत्यजीत रे ने सोनार किला नामक फिल्म बनाई थी। इस दुर्ग को उत्तरी सीमा का प्रहरी भी माना जाता है। जैसलमेर दुर्ग राजस्थान में चित्तौड़गढ़ दुर्ग के बाद दूसरा सबसे बड़ा लिविंग फोर्ट है। 

    ✍ जैसलमेर दुर्ग के ढाई साके ➡️
    • जैसलमेर का प्रथम शाखा - जैसलमेर के भाटी शासक मूलराज एवं दिल्ली सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के मध्य 1313 के लगभग युद्ध हुआ। जिसमें मूलराज ने केसरिया एवं रानियों ने जोहर किया था। 
    • जैसलमेर का दूसरा साका - रावल दूदा (महारावल दुर्जनसाल) तथा दिल्ली के सुल्तान फिरोज़ शाह तुगलक के मध्य 1357 में युद्ध लड़ा गया था। इसमें केसरिया एवं जोहर हुआ था। यह जैसलमेर का द्वितीय साका था। 
    • जैसलमेर का तीसरा अर्द्ध साका - जैसलमेर के राव लूणकरण एवं कंधार के राज्यच्युत शासक अमीर अली के मध्य 1550 ईस्वी में युद्ध हुआ था। जिसमें वीरों ने केसरिया तो किया था लेकिन जोहर नहीं हुआ था। इसलिए इसे अर्द्ध साका कहा जाता है। 
    ✍ बादल विलास महल ➡️
    जैसलमेर किले के दक्षिण में निर्मित पांच मंजिले भवन बदल विलास का निर्माण कर सिलावटियों  ने इसे 1830 ईसवी में जैसलमेर के तत्कालीन रावल महाराजा श्री वैरीसाल सिंह को भेंट किया था। यह पांच मंजिला इमारत जैसलमेर दुर्ग में स्थित है। इस पर ब्रिटेन की वास्तुकला की छाप दिखाई पड़ती है। 

    ✍ जवाहर विलास महल ➡️
    इसे जैसलमेर की प्रथम होटल कहा जाता है। यह ईसाल बंगले के नाम से प्रसिद्ध था। 

    ✍ राष्ट्रीय मरू उद्यान, जैसलमेर➡️
    राष्ट्रीय मरू उद्यान बाड़मेर (बाड़मेर जिले की संपूर्ण जानकारियां से पढ़ें) एवं जैसलमेर जिलों में विस्तृत है। राष्ट्रीय मरू उद्यान राजस्थान का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्य जीव अभ्यारण्य है। इसका क्षेत्रफल 3162 वर्ग किलोमीटर है। राष्ट्रीय मरू उद्यान में आकल वुड फॉसिल पार्क स्थित है। राष्ट्रीय मरू उद्यान को राज्य पक्षी गोडावण की शरण स्थली भी कहा जाता है। इस अभयारण्य में गोडावण के अलावा काले हिरण, चौसिंगा, मरु बिल्ली, चिंकारा, खरगोश, लोमड़ी, सेंड ग्राउंड, पीवणा सांप आदि मुख्य रूप से पाए जाते हैं। 

    जैसलमेर के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न/तथ्य | Jaislmer GK in Hindi

    • जैसलमेर की पाकिस्तान के साथ लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा की लम्बाई 464 किलोमीटर है। 
    • विश्व का सबसे बड़ा भूमिगत पुस्तकालय संत श्री हरवंश सिंह 'निर्मल' के नेतृत्व में पोकरण में स्थापित किया गया। 
    • देश का प्रथम चारा बैंक जैसलमेर में है। 
    • भारत का पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण पोकरण में 18 मई, 1974 में किया गया था। 
    • देश का पहला भू-वैज्ञानिक संग्रहालय जैसलमेर में है। 
    • भारत  का सबसे बड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जैसलमेर है। 
    • राज्य में सर्वप्रथम गैस के भंडार -घोटारू (जैसलमेर) में मिले है। 
    • राजस्थान का पहला खनिज तेल का कुआं - तनोट (जैसलमेर) में है। 
    • नीम बैंक - रामदेवरा (जैसलमेर) में है। 
    • राजस्थान की प्रथम पवन ऊर्जा संयंत्र - अमरसागर (जैसलमेर) में है। 
    • राजस्थान का सबसे ऊँचा टीवी टॉवर - रामगढ़ (जैसलमेर) में है। 
    • राजस्थान के 'नोख' गांव में सौर ऊर्जा का  प्रयोग किया गया था। 
    • राजस्थान का सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला जिला जैसलमेर (38401 वर्ग किलोमीटर) है। 
    • राजस्थान का सर्वाधिक मुस्लिम जनसँख्या वाला जिला - जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान की क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी पंचायत समिति - सम (जैसलमेर ) है। 
    • राजस्थान का न्यूनतम जनसँख्या वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान का न्यूनतम पंचायत समिति (3) वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान का सड़कों का न्यूनतम घनत्व वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान का न्यूनतम जन घनत्व वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    •  राजस्थान का न्यूनतम विधानसभा वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान का न्यूनतम वर्षा वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान का न्यूनतम पशु घनत्व वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक युद्ध संग्रहालय की स्थापना की गयी, जिसका 24 अक्टूबर, 2015 में उद्घाटन किया गया था। 
    • राजस्थान का कम वर्षा वाला स्थान - सम (जैसलमेर) में है। 
    • राजस्थान का सर्वाधिक शुष्क जिला जैसलमेर जिला है (कम वर्षा ) | 
    • राजस्थान का जलवायु में सर्वाधिक विषमता वाला जिला जैसलमेर जिला है। 
    • काकनी नदी - इस नदी को स्थानीय भाषा में मसूरदी नदी भी कहा जाता है। इसे काकनेय नदी भी कहा जाता है। यह आंतरिक प्रवाह वाली सबसे छोटी नदी है, जिसकी कुल लम्बाई 17 किलोमीटर है। 
    • जैसलमेर की प्रमुख मीठे पानी की झील - बुझ झील, अमर सागर झील, गढ़सीसर झील आदि। 
    • जैसलमेर की खारे पानी की झील - कावोद झील, कछोर झील। 
    • कैक्टस गार्डन - कुलधरा गांव, जैसलमेर में है। 
    • गार्डन कॉम्प्लेक्स 'बड़ा बाग़' में जैसलमेर में हैं। 
    • राष्ट्रीय मरुस्थल पार्क जैसलमेर में है। 
    • पीले रंग का संगमरमर, धारीदार संगमरमर, पीला ग्रेनाइट एवं पत्थर जैसलमेर से प्राप्त होते है।  जैसलमेर संगमरमर की जालियों के लिए प्रसिद्ध है। 
    • जैसलमेर चित्रशैली - इस का स्वर्णकाल मूलराज द्वितीय का शासनकाल कहलाता है। लोद्रवा की राजकुमारी मूमल (मरु महोत्सव जैसलमेर में आज भी 'मिस मूमल प्रतियोगिता' का आयोजन किया जाता है ) का चित्र जैसलमेर चित्रशैली का प्रमुख विषय हैं। 
    • जैसलमेर में हिंडोला नृत्य तथा तेरह ताली नृत्य किया जाता है। 
    • जैसलमेर की प्रमुख हवेलियां - पटवों की हवेली, नथमल की हवेली, सालिमसिंह की हवेली आदि। 
    • जैसलमेर की छतरियां - बड़ा बाग़ की छतरी, महारावल जैतसिंह की छतरी आदि। 
    आज के इस पोस्ट में हमने "राजस्थान के जिला दर्शन" की श्रृंखला में "जैसलमेर जिला दर्शन" को पूरी तरह से कवर करने की पूरी कोशिश की हैं। इसमें जैसलमेर का सामान्य परिचय, जैसलमेर के उपनाम, 2011 की जनगणना के अनुसार जैसलमेर जिले की जनसँख्या/साक्षरता/घनत्व/लिंगानुपात, जैसलमेर का क्षेत्रफल, जैसलमेर की मानचित्र में स्थिति, जैसलमेर में विधानसभा क्षेत्र, जैसलमेर के मेले, जैसलमेर के प्रमुख मंदिर, जैसलमेर के पर्यटन स्थल एवं इसके अलावा जितने भी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न बन सकते थे, उन सभी को शामिल कर पेश किया गया है। मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी पाठकों को मेरी यह पोस्ट पसंद आयी होगी। आप सभी को यह पोस्ट कैसी लगी आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं।
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